हरिद्वार। सिडकुल क्षेत्र में एक विधवा महिला से बर्बरता करने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी रजत का शव रुड़की गंगनहर में मिला है। आरोपी की पहचान उसके पर्स और मोबाइल फोन के जरिए की गई, जिसके बाद पुलिस ने परिजनों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई। अब यह बड़ा सवाल है कि रजत ने अपराधबोध में आत्महत्या की या फरारी के दौरान गंगनहर में डूब गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने मामले की गहराई से जांच के आदेश दिए हैं।
यह था मामला
करीब एक सप्ताह पहले सिडकुल क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करने वाली विधवा महिला को उसका जानकार रजत निवासी सहदेवपुर पथरी अपने कमरे पर बहाने से ले गया। वहां उसने महिला के साथ बलात्कार किया। घटना के बाद आरोपी ने उसकी आंखों में मिर्च झोंकी और नाजुक अंगों पर बर्बरता की। यही नहीं, लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर जान से मारने की कोशिश भी की गई।
आसपास ही रहने वाले एक युवक आरिफ ने घायल महिला को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया। पीड़िता की हालत बेहद नाजुक थी और उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था।
आरोपी की तलाश और परिजनों की गिरफ्तारी
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पांच विशेष टीमें उसकी तलाश में लगाई गईं। इस दौरान पुलिस ने आरोपी को छिपाने में मदद करने के आरोप में उसके मामा, पिता, भाई और जीजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गंगनहर में मिला शव, जांच में नया मोड़
अब इस केस में बड़ा मोड़ तब आया जब आरोपी रजत का शव रुड़की गंगनहर से बरामद हुआ। जेब से बरामद मोबाइल और पर्स के आधार पर उसकी पहचान की गई। एएसपी सदर जितेंद्र चौधरी ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी मौत आत्महत्या थी या दुर्घटनावश हुई। इस पर अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
एसपी सिटी पंकज गैरोला ने बताया कि रजत घटना के बाद किन-किन जगहों पर छिपा रहा और गंगनहर तक कैसे पहुंचा, इस पर भी जांच जारी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
परिजनों के बयानों पर भी उठे सवाल
परिजनों का कहना है कि घटना के तीसरे दिन वे रजत को पुलिस के सामने पेश करने ले जा रहे थे, लेकिन बहादराबाद में लोहे के पुल के पास रजत ने उन्हें यह कहकर रोक दिया कि पुलिस उसे तो पकड़ेगी ही, साथ में उन्हें भी जेल भेज देगी। उसने भरोसा दिलाया कि वह खुद थाने जाकर सरेंडर करेगा, लेकिन संभवतः उसी दौरान वह गंगनहर में कूद गया।
पुलिस को जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि रजत के मामा, पिता, भाई और जीजा ने उसे फरार रहने में सहायता की थी। थानाध्यक्ष मनोहर भंडारी के अनुसार, रजत के मामा ने उसे घटना की जानकारी होने के बावजूद अपने घर में शरण दी थी। साथ ही परिजनों के कब्जे से वह बाइक भी बरामद की गई है, जिसका उपयोग रजत ने फरार होने के लिए किया था।
निष्कर्षतः, गंगनहर में शव मिलने के बाद यह मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, जिसमें परिजनों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आत्महत्या या दुर्घटना—सच क्या है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच से होगा।
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