दिल्ली-कानपुर हाईवे पर मंगलवार देर रात एक खौफनाक हादसा होते-होते टल गया, जब चलती बस में अचानक आग लग गई। बिल्हौर से पानीपत जा रही इस निजी बस में करीब 60 यात्री सवार थे। आग लगते ही चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस को तुरंत रोका और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के कारण हाईवे का एक लेन घंटों जाम रहा।
हादसा अकाराबाद टोल के पास हुआ, जहां बस के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी। स्टाफ ने अस्थायी रूप से वायर जोड़कर बस को फिर से चलाया। लेकिन जैसे ही बस अलीगढ़-मथुरा हाईवे बाइपास पर पहुंची, शॉर्ट सर्किट की वजह से अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें देखकर यात्री और स्टाफ घबराकर बस से कूदने लगे, जिससे उनकी जान बच सकी। इस बीच दमकल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाई, लेकिन तब तक यात्रियों का काफी सामान जल चुका था।
जांच में सामने आया है कि चालक एक्सीलरेटर की खराबी के बावजूद बस चला रहा था, और हाथ से तार खींचकर बस को नियंत्रित कर रहा था। यह लापरवाही आग लगने का मुख्य कारण मानी जा रही है। हादसे के बाद चालक और क्लीनर मौके से फरार हो गए, जिससे यात्रियों में और अधिक आक्रोश देखने को मिला।
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या बिना ठीक तकनीकी स्थिति के वाहनों को सड़कों पर उतारना यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ नहीं है? यात्रियों ने बस की हालत और चालक की गैर जिम्मेदाराना हरकत को लेकर नाराजगी जताई और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने यात्रियों को दूसरे वाहनों से गंतव्य तक रवाना किया, लेकिन हादसे की भयावहता ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
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