देहरादून में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विजिलेंस विभाग ने आईएसबीटी चौकी प्रभारी देवेश खुगशाल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। चौकी इंचार्ज पर आरोप है कि उन्होंने भूमि विवाद में मुकदमा दर्ज न करने और गैंगस्टर एक्ट न लगाने की एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
इस मामले की पुष्टि करते हुए विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि बंजारावाला निवासी जावेद ने एक भूमि विवाद को लेकर अपने दोस्त व अन्य तीन व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच की जिम्मेदारी आईएसबीटी चौकी इंचार्ज को सौंपी गई थी। जांच के दौरान चौकी प्रभारी ने कार्रवाई का भय दिखाकर जावेद से पांच लाख रुपये की मांग की।
शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने इस प्रकरण की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद बुधवार को विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाकर आरोपी चौकी प्रभारी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के कार्यालय और आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। इस सफल कार्रवाई के लिए विजिलेंस निदेशक ने ट्रैप टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है।
सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति के तहत यह कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार “भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड” के संकल्प को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में विजिलेंस ने 150 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
आईएसबीटी चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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