देहरादून: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनावपूर्ण हालात को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद लिया गया है, ताकि किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। विशेष रूप से इस समय प्रदेश में चारधाम यात्रा भी शुरू हो चुकी है, जिससे लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश बेहद अहम माने जा रहे हैं।
राज्य के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस संबंध में सभी जिला अस्पतालों, सरकारी मेडिकल कॉलेजों और निजी अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, राज्यभर के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और सभी डॉक्टरों एवं चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं, ताकि किसी भी स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों।
12,000 बेड और ICU तैयार रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में 12,000 अस्पताल बेड चिन्हित करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है, जिन्हें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत उपयोग में लाया जा सकेगा। इसके साथ ही सभी अस्पतालों को ICU यूनिट्स और वेंटिलेटर को पूर्ण रूप से चालू स्थिति में रखने और हर प्रकार की चिकित्सकीय सुविधा को तैयार रखने के आदेश दिए गए हैं।
दवाओं और ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि दवाओं, ऑक्सीजन सिलेंडरों, चिकित्सकीय उपकरणों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे। स्वास्थ्य विभाग का यह कदम संभावित युद्ध जैसी स्थिति और भारी तीर्थयात्रा के चलते उत्पन्न होने वाले किसी भी संकट से निपटने की तैयारी का हिस्सा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा सतर्कता बढ़ी
भारत की ओर से आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से भड़काऊ गतिविधियों में तेजी आई है। इसके चलते देशभर में सुरक्षा एजेंसियां और राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर हैं। उत्तराखंड जैसे सीमावर्ती राज्य में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
उत्तराखंड सरकार का स्वास्थ्य महकमा वर्तमान स्थिति को देखते हुए हर चुनौती से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार नजर आ रहा है।







