देहरादून में आज आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शाम ठीक 4:12 बजे शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए एयर रेड सायरनों की आवाज गूंजी, जिससे पूरे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट कर दिया गया। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों, विशेष रूप से हवाई हमलों या अन्य आपदाओं के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया का अभ्यास करना था।
शहर की कई चौकियों पर बजाए गए सायरन
मॉक ड्रिल के दौरान आराघर चौकी, धारा चौकी, एनआईईपीवीडी, कलेक्ट्रेट और लक्खीबाग पुलिस चौकी सहित शहर की प्रमुख जगहों पर स्थापित एयर रेड सायरन सक्रिय किए गए। इन सायरनों के बजते ही पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड और सिविल डिफेंस की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया और मॉक ड्रिल को अमल में लाया।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभ्यास
पुलिस द्वारा विभिन्न सरकारी भवनों, आवासीय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया गया। यह पूरी प्रक्रिया इस तरह से संचालित की गई मानो वास्तव में कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो गई हो।
नागरिकों को किया गया जागरूक
मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को संभावित खतरों से सचेत किया गया। उन्हें बताया गया कि एयर रेड सायरन बजने की स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए, किन जगहों पर जाना चाहिए और किन वस्तुओं को अपने साथ रखना अनिवार्य है। ब्लैकआउट जैसी स्थितियों में भी सतर्क रहने की सलाह दी गई और ऐसी परिस्थितियों से निपटने के उपायों की जानकारी साझा की गई।
पहले भी हो चुकी है मॉक ड्रिल
गौरतलब है कि जून 2023 में भी देहरादून में इसी तरह की एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी, जिसमें शहर में लगाए गए कुल नौ एयर रेड सायरनों की कार्यप्रणाली की जांच की गई थी। उस समय भी होमगार्ड और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भाग लिया था और आम नागरिकों को आपदा की स्थिति में जागरूक रहने की अपील की थी।
प्रशासन की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि आने वाले समय में आपदा संवेदनशील इलाकों में और अधिक सायरन लगाए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है ताकि हर संभावित खतरे के लिए शहर पूरी तरह तैयार रह सके।
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