भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी ज़ीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक प्रभावशाली रूप देते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बड़े पैमाने पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से चलाए गए इस सैन्य अभियान में भारतीय सेना ने आतंकियों के नौ ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। इन ठिकानों पर जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैय्यबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन, मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों की गतिविधियां संचालित होती थीं।
सेना के अनुसार, इस अभियान में पाकिस्तान या पीओके के किसी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया। केवल आतंकवाद से जुड़े परिसरों को ही टारगेट किया गया। स्ट्राइक से कुछ घंटे पहले भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा था, “हमले को तैयार, जीतने को बेकरार।” ऑपरेशन के सफल समापन के बाद सेना ने लिखा, “न्याय हुआ, जय हिंद!”
भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि हमले में करीब 30 लोग मारे गए और 25 घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में छह जगहों पर कुल 24 मिसाइलें दागी गईं। हालांकि भारत की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी निशाने केवल आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े ठिकाने थे।
देहरादून में हाई अलर्ट, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की संयुक्त चेकिंग अभियान
ऑपरेशन सिंदूर की खबर के सामने आते ही देहरादून पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह तड़के से ही व्यापक स्तर पर चेकिंग व सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस की अलग-अलग टीमें अर्द्धसैनिक बलों के साथ मिलकर बाहरी व्यक्तियों की पहचान और गतिविधियों का सत्यापन कर रही हैं। कई संदिग्ध व्यक्तियों को थानों में लाकर पूछताछ की जा रही है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और होटलों में चेकिंग अभियान तेज़ किया गया है।
इस व्यापक ऑपरेशन और उसके बाद की सतर्कता भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत इच्छाशक्ति और सजगता को दर्शाती है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं।







