नैनीताल में एक मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के मामले में जांच तेज़ हो गई है। फोरेंसिक टीम ने शनिवार को मल्लीताल क्षेत्र में आरोपी ठेकेदार उस्मान के घर और उसके घर के नीचे बने गैराज का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान मल्लीताल कोतवाली प्रभारी हेमचंद्र पंत और जांच अधिकारी आशा बिष्ट भी मौजूद रहीं। करीब दो घंटे तक चली जांच में टीम ने कई संदिग्ध वस्तुओं को जब्त किया और उन्हें सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।
सीसीटीवी डीवीआर जब्त, घटनास्थल पर सख्त बैरिकेडिंग
फोरेंसिक टीम ने आरोपी के घर से सीसीटीवी का डीवीआर भी कब्जे में ले लिया है, ताकि घटना के समय की रिकॉर्डिंग खंगाली जा सके। मौके पर पीले टेप से बैरिकेडिंग कर दी गई थी ताकि बाहरी व्यक्ति प्रवेश न कर सकें और सबूतों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो।
गैराज में खड़ी गाड़ी में दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी ने घर के नीचे बने गैराज में खड़ी एक गाड़ी के अंदर ही इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद उसी वाहन को गैराज से निकालकर सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर इसकी पुष्टि करने का प्रयास किया।
लाल रंग की तीन गाड़ियों ने बढ़ाई जांच की जटिलता
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वारदात एक लाल रंग की गाड़ी में हुई थी। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपी उस्मान की तीन लाल रंग की गाड़ियां—बलेनो, थार और ऑल्टो—को जब्त कर लिया है। अब असली घटना किस वाहन में हुई, यह स्पष्ट करने के लिए बच्ची से पहचान करवाई जाएगी। इसके बाद उस वाहन से नमूने लेकर फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
मेडिकल रिपोर्ट से हुआ रेप की पुष्टि, बच्ची ने पहचाना आरोपी
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने पुष्टि की है कि 12 वर्षीय बालिका की मेडिकल जांच में उसके साथ रेप की पुष्टि हुई है। हालांकि, शुरू में उसकी मां ने हल्द्वानी के महिला अस्पताल में मेडिकल जांच से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में मुकदमा दर्ज होने के बाद यह जांच कराई गई। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद बच्ची से आरोपी की शिनाख्त भी करवाई, जिसमें उसने आरोपी उस्मान को तुरंत पहचान लिया।
सरकार ने लिया संज्ञान, पीड़िता को सुरक्षित भविष्य देने की कोशिशें शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले का संज्ञान लिया और जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। प्रशासन ने पीड़िता और उसकी बड़ी बहन को हॉस्टल वाले एक अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा और सुरक्षा मिल सके।
मानसिक स्थिति में सुधार, बच्ची ने जीवन के संकेत देने शुरू किए
लगभग दो हफ्तों तक असहनीय पीड़ा झेलने के बाद अब बच्ची की स्थिति में थोड़ा सुधार देखा जा रहा है। काउंसलिंग और उपचार से वह अब इशारों से अपनी बात कहने लगी है और हल्की-फुल्की बातचीत भी करने लगी है। उसने हाल ही में अपने नजदीकी लोगों से आइसक्रीम और चॉकलेट जैसी पसंदीदा चीजों की मांग भी की है, जो उसके सामान्य होने की ओर इशारा करता है।
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