देहरादून। चारधाम यात्रा की शुरुआत से पहले उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम धामी ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे तीन दिन के भीतर किराएदारों, रेहड़ी-पटरी संचालकों का सत्यापन, अवैध तरीके से बनाए गए प्रमाणपत्रों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके साथ ही ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को अपने सरकारी आवास पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सीएम धामी ने नैनीताल में एक नाबालिग पीड़िता के साथ हुए अपराध पर नाराजगी जताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जिला प्रशासन को पीड़िता और उसके परिवार को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने को कहा। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार पीड़िता के साथ खड़ी है और न्याय दिलाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
सीएम ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से झूठी व भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक एकता और भूमि पर बुरी नजर डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, “जो भी व्यक्ति या संस्था देवभूमि की एकता और शांति भंग करने का प्रयास करेगा, उस पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”








