नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की हवाई सेवाओं को सशक्त और व्यापक बनाने के लिए केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने मंगलवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केआर नायडू से मुलाकात कर देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार तथा रात्रिकालीन हवाई सेवा की समयसीमा को मध्यरात्रि तक बढ़ाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में इसके विस्तार की अत्यंत आवश्यकता है। साथ ही, देर रात तक विमानों की आवाजाही सुनिश्चित करने से पर्यटन और व्यापार को भी बल मिलेगा।
पंतनगर एयरपोर्ट के लिए भूमि हस्तांतरण और मास्टर प्लान तैयार
मुख्यमंत्री धामी ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार पर भी बल देते हुए कहा कि इसकी रनवे लंबाई 1372 मीटर से बढ़ाकर 3000 मीटर करने के लिए राज्य सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को 524.78 एकड़ भूमि हस्तांतरित कर दी है। AAI द्वारा पंतनगर एयरपोर्ट का मास्टर प्लान भी तैयार कर लिया गया है। उन्होंने इस परियोजना पर शीघ्र निर्माण कार्य आरंभ कराने का आग्रह किया।
आरसीएस योजना के तहत नई हवाई और हेली सेवाओं की मांग
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS) के अंतर्गत पिथौरागढ़ के नैनीसैनी एयरपोर्ट से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक नियमित हवाई सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही, पिथौरागढ़ से धारचूला और मुनस्यारी तक हेली सेवा शुरू करने की मांग भी की गई, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके।
रात्रिकालीन उड़ानों के लिए वॉच आवर्स बढ़ाने की जरूरत
नैनीसैनी एयरपोर्ट पर रात्रिकालीन उड़ानों की सुविधा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वहां के वॉच एक्सटेंशन को बढ़ाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पिथौरागढ़ रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टाल की मांग
मुख्यमंत्री ने देहरादून, पिथौरागढ़ और पंतनगर एयरपोर्ट्स पर “हाउस ऑफ हिमालयाज” स्टॉल्स स्थापित करने का सुझाव दिया, जिससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाज़ार और प्रोत्साहन मिल सके।
नई उड़ानों की शुरुआत और अंतरराष्ट्रीय सेवा की संभावनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून से हल्द्वानी, पंतनगर और नागपुर के लिए सीधी हवाई सेवाओं की शुरुआत का भी अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जौलीग्रांट एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।
अन्य हवाई पट्टियों पर भी विमर्श
मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टियों का निरीक्षण कर वहां से हवाई सेवा संचालन की संभावनाओं पर भी कार्यवाही का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री का सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री केआर नायडू ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।








