हरिद्वार/देहरादून उत्तराखंड की धार्मिक नगरी हरिद्वार आज पूरी तरह से भगवा रंग में रंगी नजर आई। अवसर था प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार के ‘चार साल बेमिसाल’ कार्यकाल का जश्न। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का देवभूमि की जनता ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ स्वागत किया। हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित विशाल जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के जोश ने यह साफ कर दिया कि भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से हुंकार भर दी है।
जनसभा स्थल पर उमड़ा जनसैलाब: हाथ हिलाकर किया अभिवादन
शनिवार सुबह जैसे ही अमित शाह देहरादून एयरपोर्ट पर उतरे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए हरिद्वार पहुंचे, माहौल पूरी तरह से उत्सव जैसा हो गया। जनसभा स्थल (बैरागी कैंप) पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। शहर के प्रवेश द्वारों से लेकर सभा स्थल तक लोगों की लंबी कतारें देखी गईं। बसों और निजी वाहनों के काफिले के साथ कार्यकर्ता प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे थे।
जैसे ही अमित शाह मंच पर पहुंचे, पूरी सभा ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठी। गृह मंत्री ने भी गर्मजोशी के साथ जनता का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उनकी एक झलक पाने के लिए लोग घंटों से कड़ी धूप के बावजूद डटे रहे।
विकास की बड़ी सौगात: 1100 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा
अमित शाह का यह दौरा केवल राजनीतिक ही नहीं, बल्कि विकास के नजरिए से भी ऐतिहासिक रहा। उन्होंने मंच से उत्तराखंड के लिए 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
- लोकार्पण और शिलान्यास: इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
- राज्य स्तरीय प्रदर्शनी: जनसभा के बाद अमित शाह ने सरकार के चार वर्षों के विकास कार्यों को दर्शाने वाली एक विशेष राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में धामी सरकार की ‘जन-जन की सरकार’ वाली छवि को प्रमुखता से दिखाया गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव का ‘चुनावी बिगुल’
राजनीतिक विश्लेषक अमित शाह के इस दौरे को महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं मान रहे हैं। इसे साल 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों का औपचारिक आगाज माना जा रहा है। जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने धामी सरकार की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की और केंद्र की मोदी सरकार व राज्य की धामी सरकार के ‘डबल इंजन’ मॉडल को उत्तराखंड के विकास का आधार बताया।
शाह ने कहा, “पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पिछले चार वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। यह सरकार केवल देहरादून से नहीं, बल्कि गांव के आखिरी व्यक्ति के लिए काम कर रही है।”
संतों के साथ बैठक और कोर कमेटी की समीक्षा
जनसभा के बाद गृह मंत्री का कार्यक्रम काफी व्यस्त है: - संतों का आशीर्वाद: हरिद्वार में अमित शाह संतों और महंतों के साथ एक विशेष बैठक करेंगे। हिंदू धर्म की राजधानी कहे जाने वाले हरिद्वार में संतों का समर्थन भाजपा के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है।
- कोर कमेटी की बैठक: इसके बाद वे भाजपा प्रदेश कोर कमेटी की बैठक लेंगे। इसमें सरकार के मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की प्रगति, भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अमित शाह के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। ड्रोन के जरिए भी जनसभा स्थल की निगरानी की गई। शहर के ट्रैफिक रूट में बदलाव किया गया ताकि आम जनता और वीआईपी मूवमेंट में कोई बाधा न आए।
निष्कर्ष
गृह मंत्री अमित शाह का हरिद्वार दौरा उत्तराखंड की राजनीति में एक नई ऊर्जा भर गया है। एक तरफ जहां करोड़ों की योजनाओं से प्रदेश को रफ्तार मिली है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों के लिए शाह की यह रैली एक कड़ी चुनौती बनकर उभरी है। धामी सरकार के चार साल के जश्न ने यह संदेश दे दिया है कि भाजपा ‘मिशन 2027’ के लिए पूरी तरह से तैयार है।









