बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव ग्यासपुर से छह दिन पहले लापता हुई 21 वर्षीय युवती ‘सविता’ का शव काली नदी से बरामद किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस मामले में हत्या की पुष्टि कर दी है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की गर्दन की हड्डी टूटी हुई पाई गई है, जो इस बात की ओर इशारा करती है कि हत्यारों ने बेहद बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को नदी में फेंक दिया।
बचपन में माता-पिता को खोया, ननिहाल बना था सहारा
मृतक युवती सविता (21 वर्ष) की कहानी अत्यंत मार्मिक है। मूल रूप से स्याना कोतवाली क्षेत्र के गांव गैसूपुर चंदियाना की रहने वाली सविता के सिर से माता-पिता का साया बचपन में ही उठ गया था। लगभग 19 साल पहले एक सड़क हादसे में उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। उस समय सविता मात्र तीन वर्ष की थी। अनाथ होने के बाद उसे उसके मामा जगपाल (निवासी गांव ग्यासपुर, कोतवाली देहात) ने सहारा दिया। तब से सविता अपने ननिहाल में ही रह रही थी।
14 मार्च से लापता थी सविता
घटनाक्रम के अनुसार, 14 मार्च की सुबह सविता संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक घर से लापता हो गई। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव और आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों ने कोतवाली देहात में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस तभी से उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन छह दिन बाद उसका शव मिलने की सूचना आई।
काली नदी में मिला क्षत-विक्षत शव
शुक्रवार को ग्रामीणों ने ग्यासपुर और नीमखेड़ा गांव के बीच बहने वाली काली नदी में एक शव उतराता हुआ देखा। सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला। शव की शिनाख्त सविता के रूप में हुई। शव कई दिनों तक पानी में रहने के कारण काफी गल-सड़ चुका था। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
शनिवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की पुष्टि कर दी। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- मौत का कारण: युवती की मौत दम घुटने या गर्दन पर भारी प्रहार के कारण हुई है, क्योंकि उसके गले की हड्डी (Hyoid Bone) टूटी हुई पाई गई है।
- दुष्कर्म की आशंका: हालांकि ग्रामीणों और परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन चिकित्सकों की टीम फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं कर पाई है। डॉक्टरों का कहना है कि शव के अत्यधिक गल जाने (Decomposed state) के कारण स्लाइड या अन्य परीक्षणों
से दुष्कर्म के पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सके हैं। - हत्या का तरीका: रिपोर्ट से साफ है कि युवती के साथ पहले मारपीट या गला दबाने की कोशिश की गई और फिर उसे मृत समझकर या मारकर नदी में फेंक दिया गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सविता की मौत की खबर के बाद से उसके मामा के परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। जिस बच्ची को उन्होंने पाल-पोसकर बड़ा किया, उसका अंत इस तरह होगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सविता थोड़ी मानसिक तनाव में भी चल रही थी, हालांकि इसका हत्या से क्या संबंध है, यह जांच का विषय है। शुक्रवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस की तफ्तीश और आगामी कार्रवाई
कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक रामफल सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो 14 मार्च के आसपास सविता के संपर्क में थे या जो उसे अंतिम बार जीवित देखने वाले गवाह हो सकते हैं।
पुलिस के समक्ष मुख्य सवाल:
- क्या यह किसी रंजिश का परिणाम है?
- क्या सविता को बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया गया था?
- क्या इस वारदात में गांव का ही कोई व्यक्ति शामिल है?
पुलिस सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की धरपकड़ की कोशिश कर रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
नोट: इस दुखद घटना ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सविता, जिसने बचपन में ही अपनों को खो दिया था, उसे न्याय मिलना ही उसकी आत्मा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
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