देहरादून।उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के लिए 14 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने प्रस्तावित दून दौरे के दौरान शहर की सबसे बड़ी समस्या ‘यातायात जाम’ का स्थायी समाधान देने वाली ‘रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना’ का शिलान्यास करेंगे। करीब 6200 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल दून की सूरत बदलेगी, बल्कि राजधानी की रफ्तार को भी नई ऊंचाई देगी।
शिलान्यास के साथ विकास की नई इबारत
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर शासन-प्रशासन स्तर पर तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी केवल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और टिहरी जल विद्युत परियोजना के पंपिंग हाउस का लोकार्पण ही नहीं करेंगे, बल्कि देहरादून के भीतर यातायात के दबाव को शून्य करने वाली एलिवेटेड रोड की नींव भी रखेंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से बनने वाली इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं लगातार फीडबैक ले रहे हैं।
क्या है रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर?
यह परियोजना देहरादून की दो प्रमुख नदियों, रिस्पना और बिंदाल के ऊपर विकसित की जाएगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 26 किलोमीटर होगी, जिसे दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
- बिंदाल नदी कॉरिडोर: इसकी लंबाई करीब 14 किलोमीटर होगी।
- 2.रिस्पना नदी कॉरिडोर: इसकी लंबाई लगभग 12 किलोमीटर होगी।
यह पूरा मार्ग फोरलेन (4-Lane) होगा और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के अनुरूप डिजाइन किया गया है।
यह पूरा मार्ग फलेन (4-Lane) होगा और इसे आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा*
की रफ्तार के अनुरूप डिजाइन किया गया है।
इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
यह एलिवेटेड रोड शहर के उन हिस्सों को जोड़ेगी जहाँ वर्तमान में पीक ऑवर्स में निकलना दूभर हो जाता है। इसका मार्ग कारगी से शुरू होकर ब्राह्मणवाला, निरंजनपुर, विजयपुर, जाखन होते हुए सीधे मसूरी रोड के मालसी क्षेत्र तक जाएगा।
इसके तैयार होने के बाद:
समय की बचत: जो सफर तय करने में अभी आधे घंटे से 45 मिनट लगते हैं, वह महज 10 से 12 मिनट में पूरा हो जाएगा।
प्रमुख केंद्रों पर राहत: घंटाघर, बल्लूपुर चौक, राजपुर रोड, सहारनपुर रोड और आईएसबीटी (ISBT) जैसे व्यस्ततम इलाकों में ट्रैफिक का दबाव 40 से 50 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी की दूरदर्शी सोच का परिणाम
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अहम भूमिका रही है। हाल ही में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान सीएम धामी ने देहरादून में बढ़ते वाहनों के दबाव और भौगोलिक चुनौतियों के कारण लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसी चर्चा के बाद रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना को गति मिली। यह प्रोजेक्ट केवल सड़क निर्माण नहीं है, बल्कि देहरादून के अगले 50 सालों की यातायात जरूरतों का एक दीर्घकालिक समाधान है।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
देहरादून केवल एक शहर नहीं बल्कि मसूरी और चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार भी है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक अक्सर दून के जाम में फंसकर परेशान होते हैं। इस एलिवेटेड रोड के बनने से:
पर्यटन: मसूरी जाने वाले पर्यटकों को शहर के भीतर के ट्रैफिक में फंसने की जरूरत नहीं होगी।
व्यापार: माल ढुलाई और व्यापारिक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी।
आपातकालीन सेवाएँ: एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए एक वैकल्पिक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ उपलब्ध होगा।
आगे की राह: भूमि सत्यापन और निर्माण
प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किए जाने के बाद परियोजना के भूमि सत्यापन, पुनर्वास और वास्तविक निर्माण कार्य में तेजी आएगी। NHAI ने इसके लिए सर्वे का काम लगभग पूरा कर लिया है। सरकार का लक्ष्य है कि तय समय सीमा के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पीएम मोदी के 14 अप्रैल के कार्यक्रम को देखते हुए कार्यक्रम स्थल और पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। पुलिस और खुफिया इकाइयां चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही हैं ताकि इस भव्य शिलान्यास समारोह को निर्बाध रूप से संपन्न कराया जा सके।







