देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर कुदरत के तेवर बदलते नजर आ रहे हैं। भीषण गर्मी की दस्तक के बीच पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता ने राज्य के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने गुरुवार को उत्तराखंड के सभी 13 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें भारी बारिश, गर्जना के साथ ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया है।
मैदानी इलाकों में आंधी और पहाड़ों पर बर्फबारी का साया
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी। विशेष रूप से 3,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात (Snowfall) की प्रबल संभावना है। चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जैसे जिलों के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।
वहीं, मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। विभाग ने आगाह किया है कि यह आंधी-तूफान जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
इन जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के सात जिलों के लिए विशेष ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज आंधी की सबसे अधिक संभावना है:
- हरिद्वार
- ऊधम सिंह नगर
- देहरादून
- टिहरी
- पौड़ी
- नैनीताल
- चंपावत
इन जिलों में हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो कमजोर संरचनाओं और पेड़ों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी
यह भी पढ़ें-उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा बूस्ट: देहरादून और पिथौरागढ़ के बीच जल्द शुरू होगी नियमित विमान सेवा
कुमाऊं मंडल के बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर ‘भारी बारिश’ (Heavy Rainfall) की संभावना जताई है। अन्य पर्वतीय जिलों जैसे रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। अचानक होने वाली इस बारिश से संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन (Landslides) का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसके चलते यात्रियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
तापमान में आएगी भारी गिरावट: गर्मी से मिलेगी राहत
पिछले कुछ दिनों से राज्य में बढ़ रही तपिश से अब लोगों को राहत मिलने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में 3°C से 5°C तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे मार्च के महीने में एक बार फिर हल्की ठंड का अहसास होगा।
राजधानी देहरादून का हाल
देहरादून (Doon) में बुधवार शाम से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी और देर रात हल्की बूंदाबांदी ने मौसम सुहावना कर दिया।
आज गुरुवार को भी दून में दिन भर बादल छाए रहने का अनुमान है।
- अनुमानित अधिकतम तापमान: 23°C
- अनुमानित न्यूनतम तापमान: 13°C राजधानी में ओलावृष्टि (Hailstorm) और तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है।
प्रशासन और मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- सुरक्षित स्थानों पर रहें: आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। खुले स्थानों से दूर रहें।
- पहाड़ी यात्रा में सावधानी: चारधाम रूट और अन्य पहाड़ी रास्तों पर यात्रा कर रहे लोग विशेष सावधानी बरतें। बारिश के दौरान चट्टान गिरने का भय रहता है।
- किसानों के लिए सुझाव: ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में मौसम का यह बदलाव पर्यटन और खेती दोनों के लिए मिला-जुला असर लेकर आएगा। जहां एक ओर बर्फबारी पर्यटकों को आकर्षित करेगी, वहीं तेज आंधी और ओलावृष्टि बागवानी के लिए चुनौती बन सकती है। अगले दो दिनों तक राज्य में ‘इंतजार और सतर्कता’ का माहौल बना रहेगा।







