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भुवन जोशी हत्याकांड में लड़की का इंटरव्यू लेने वाले चैनल के खिलाफ FIR, जानिये क्या है कारण।

भुवन जोशी हत्याकांड में लड़की का इंटरव्यू लेने वाले चैनल के खिलाफ FIR, जानिये क्या है कारण। उत्तराखंड के सबसे अधिक चर्चित हत्याकांडों में से एक बन चुके भुवन जोशी हत्याकांड (Bhuwan joshi murder )में अभी तक सभी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.लेकिन अब अपराधियों के साथ साथ मीडिया संस्थानों पर भी कार्यवाही की तैयारी चल रही है.आज इस मामले में लड़की इंटरव्यू दिखाने वाले कुछ चैनल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गयी है। 
बाल कल्याण समिति अल्मोड़ा ने लगाया बच्ची की पहचान उजागर करने का आरोप।
अल्मोड़ा पुलिस (Almora Police ) द्वारा अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल से बताया गया की “बाल कल्याण समिति अल्मोड़ा के संज्ञान में आया कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनल दिपाॅशु कॅुवर जेजेएन व अन्य न्यूज चैनलों द्वारा नाबालिक के इन्टरव्यूह प्रचारित/अनर्गल तरीके से पूछताछ कर बच्ची की पहचान उजागर करने जिससे बच्ची पर मनोवैज्ञानिक तौर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने और बालिका की सुरक्षा को खतरा प्रतीत होने एवं बाल हित में संबंधित न्यूज चैनलों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने व सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में एसएसपी अल्मोड़ा को पत्र प्रेषित किया गया था।श्री पंकज भट्ट वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा द्वारा प्रकरण की संवेदनशीलता एवं गम्भीरता को देखते हुए तत्काल थानाध्यक्ष दन्या श्री सन्तोष देवरानी को मामले में आवश्यक कार्यवाही हेतुु निर्देशित किया गया।

चैनलों के खिलाफ पोक्सो के तहत दर्ज हुई FIR।
थानाध्यक्ष दन्या (thana danya) द्वारा प्रकरण में शीघ्र कार्यवाही कर उक्त संबंधित न्यूज चैनलों /अन्य इलेक्ट्रॉनिक मीडिया व अन्य लोगों के विरुद्ध थाना दन्या में मु0अ0सं0- 16/2021 धारा- 23 पोस्को, किशोर न्याय अधिनियम की धारा- 74 के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया तथा प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना व आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने के उद्देश्य से की विवेचना महिला थानाध्यक्ष श्वेता नेगी के सुपुर्द किया गया है।

यह भी पढ़ें – 15 मई को बंद हो जाएगा आपका Whatsapp,बचना है तो करना होगा यह काम।
लड़की की पहचान उजागर करने वालों पर भी हो सकती है कार्यवाही। 
एसएसपी अल्मोड़ा (SSP Almora) की सभी सम्मानित जनता से अपील है कि नाबालिक की पहचान उजागर करना माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार व विभिन्न नियमों के तहत नाबालिग पीड़िता/नाबालिक विधि के विरोध में बालक/बालिका की पहचान तथा विद्यालय का पता उजागर करना दंडनीय अपराध है। कृपया नाबालिक का किसी भी प्रकार का प्रकटीकरण उसके फोटो को प्रसारित किया जाना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। आप इस प्रकार का कोई भी ऐसा कृत्य न करें जिससे आपके विरूद्व कानूनी कार्यवाही करने पर पुलिस को बाध्य होना पड़े।

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