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ये 5 भारतीय खिलाड़ी वनडे और T-20 के रहे सरताज, लेकिन टेस्ट में हो गए बिलकुल फ्लॉप, यहां देखिए नाम

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इन दिनों, लिमिटेड ओवरों का क्रिकेट काफ़ी लोकप्रिय और प्रारूप हो सकता है, इस बात को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता है कि क्रिकेट टेस्ट मैच में अपनी श्रेष्ठता पाने के लिए के क्रिकेटर्स तरस जाते हैं। इस खेल का सबसे ज्यादा बड़ा प्रारूप वह है जो खिलाडि़यों की ज्यादा क्षमता की परीक्षा लेता है। लेकिन भारत के कुछ दो प्रारूप में अपना काफी बढ़िया प्रदर्शन दिखाया है, मगर है। टेस्ट क्रिकेट में अपना अच्छा प्रदर्शन दिखाने में विफल रहे हैं।
इन खिलाड़ियों ने नीली जर्सी पहन कर तो काफी अच्छा प्रदर्शन दिखाया है लेकिन यह उसी सफेद जर्सी में काफी बेकार प्रदर्शन करते हुए नजर आए हैं। आज हम इन्हीं पांच खिलाड़ियों पे नजर डालेंगे कि उन्होंने कैसे दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में तो अपना बहुत ही अच्छा प्रदर्शन दिखाया है, लेकिन सबसे लंबे फॉर्मेट के टेस्ट क्रिकेट में वे अपना अच्छा प्रदर्शन ना दिखा पाए।
युवराज सिंह
इन खिलाड़ियों में सबसे पहला नाम युवराज सिंह का है, युवराज सिंह ने अपने धाकड़ प्रदर्शन के दम पर क्रिकेट जगत में अपनी एक अलग ही पहचान बना ली हैं। युवराज सिंह अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी फील्डिंग और टीम का काफी अहम हिस्सा रहने के बावजूद भी यह अपना टेस्ट क्रिकेट में आगे नहीं बढ़ पाए हैं। युवराज सिंह के योगदान से भारत ने काफी मुकाबले जीते हैं।
युवराज ने 304 वनडे मैचों में 8701 रन और। 58 टी 20 आई में के मैचों में 1177 रन बनाए जबकि वे 40 टेस्ट में33.92 के औसत से केवल 19 रन ही बना पाए। टेस्ट क्रिकेट में उनके पास दिखाने के लिए केवल तीन ही सेंचुरी और 11 हाल्फसेंचरी ही थी। यह इतनी अच्छी गेंदबाजी नहीं करते हैं इसलिए उन्होंने भारत के लिए। टेस्ट मैचों में केवल नौ विकेट लिए थे। 2012 में। कोलकाता में युवराज को आखिरी बार इस सफेद जर्सी में देखा गयागया
सुरेश रैना
इन खिलाड़ियों में से एक अन्य खिलाड़ी सुरेश रैना भी है जो लिमिटेड प्रारूप में भारत के लिए केवल वास्तविक मैच के विजेता रहे थे। युवराज की तरह ही रैना भी इस क्रिकेट मैच में अपना अच्छा प्रदर्शन दिखाने में विफल रहे हैं। ऐसे तो इन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत। कोलंबो की कठिन परिस्थितियों में श्रीलंका के खिलाफ़ सेंचुरी मारकर की थी। लेकिन इस बात का इससे कोई लेना देना नहीं था कि उनका टेस्ट करियर कैसे आगे बढ़ेगा।
सुरेश रैना वैसे तो ओडीआई और टी 20 टीम का हिस्सा बने रहे, लेकिन उन्होंने अपनी जगह टेस्ट टीम में खो दी थी। हैरानी नहीं कि 2005 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने के बावजूद भी उन्होंने अब तक केवल 18 टेस्ट खेले हैं। उन टेस्ट मैचों में वह अपने डेब्यू मैच के बाद एक और सेंचुरी नहीं बना सके। कुल मिलाकर उन्होंने अब तक 26.48 की औसत से 768 रन बनाए हैं। रैना की ने वन डे मैच और टी 20 अंतरराष्ट्रीय में कम से कम 36 और 13 विकेट ली है।
दिनेश कार्तिक
दिनेश कार्तिक ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए आईपीएल 2022 में रन बनाने के बाद अपने करियर को फिर से जीवित कर लिया है। हालांकि वह उन खिलाड़ियों में से एक थे जिन्होंने एक बड़ा टेस्ट करियर की उम्मीद की थी लेकिन ऐसा होता हुआ बिलकुल भी नहीं दिखा। इन्होंने अब तक 26 टेस्ट खेल हैं, लेकिन उनमें से इन्होंने एक ही सेंचुरी और 750 के साथ केवल 125 रन बनाए। और यह साफ दिखाई दे रहा है कि उनका टेस्ट करियर यहीं खत्म हो गया है।
दिनेश कार्तिक ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ टी 20 श्रृंखला के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी। 2007 के इंग्लैंड दौरे के दौरान विकेटकीपर बल्लेबाज आश्चर्यजनक सफलता की कहानियों में से एक था जिनसे पारी की शुरुआत करते उन्होंने तीन हाफ सेंचुरी बनाई। अभी तक कुल मिलाकर इन्होंने देश में केवल पांच टेस्ट क्रिकेट खेले हैं, जिसमें से उन्होंने 28.40 की औसत से 284 रन बनाए हैं। अगस्त 2007 में द ओवल टेस्ट में उनका सर्वश्रेष्ठ 91रन रहा था।
मोहम्मद कैफ
मोहम्मद कैफ ने अपना करियर 2000 में कानपुर के ग्रीन पार्क होटल से की इसकी शुरुवात की थी कैफ ने अपने टेस्ट करियर का पहला मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ बैंगलोर में खेला था और उन्होंने नेशनल क्रिके अकैडमी में शामिल किया गया लेकिन दुर्भाग्यवश उनकी ये फॉर्म ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सकी। लिमिटेड ओवर्स में तो कैफ ने काफी शानदार प्रदर्शन दिखाया, लेकिन लाल गेंद वाले क्रिकेट मैच में वे अपनी छाप न छोड़ सके।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 हजार रन बनाने वाले मोहम्मद कैफ ने टेस्ट क्रिकेट की 22 पारियों में केवल 624 रन बनाए हैं। इसी दौरान उन्होंने एक सेंचुरी और तीन हाफ सेंचुरी भी मारी है। अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ दूसरे टेस्ट के लिए टेस्ट टीम के वापस आने से पहले कैफ को 1 साल से ज्यादा समय के लिए टेस्ट टीम से बाहर निकाल दिया गया था। इस मुकाबले में भी उन्हें सचिन की जगह खेलने। के लिए बुलाया गया था।
हार्दिक पांड्या।
टीम इंडिया के नियमित खिलाड़ी बन चूके हार्दिक पांड्या का लिमिटेड ओवर के फॉर्मेट मैच में काफी शानदार प्रदर्शन रहा है, लेकिन वह इन दिनों वनडे मैच और टी 20 क्रिकेट में धमाल करते हुए नजर आ रहे हैं। अब तक हार्दिक पांड्या ने वनडे क्रिकेट मैच में 63 मैचों में 57 प्ले चूके हैं और 1286 रन बनाए हैं। उसी दौरान उनकी बल्लेबाजी का औसत करीबन 33 रन रहा है। हालांकि हार्दिक टेस्ट क्रिकेट काफी बेकार प्रदर्शन रहा हैं।

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इन्हें अब तक 11 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिल चूका है जिसमें से उन्होंने 17 विकेट लिए हैं और 532 रन बनाए हैं इतने कम आंकड़े होने के कारण ही हार्दिक को टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं बनाया जाता है जिसके बाद उन्होंने आईपीएल 2022 के जरिए वनडे और टी 20 मैच में वापसी कर ली लेकिन अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उनके टेस्ट करियर अब खत्म हो चुका है। अब शायद ही हार्दिक पांड्या टेस्ट क्रिकेट में हमें नजर आएँगे। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ़ हुए टेस्ट मैच में भी हार्दिक का चुनाव नही हुआ था

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