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Indian army के दल को मिली सोलह साल पुरानी लाश


Indian army के दल को मिली सोलह साल पुरानी लाश

Indian army के 25 सदस्यों का एक दल (satopanth peak) शिखर पर विजय प्राप्त करने के लिए निकला था जहाँ अभियान के दौरान सेना के दल को बर्फ में दबा एक जवान का शव मिल

Indian army का 25 सदस्यीय एक दल स्वर्णिम विजय वर्ष के मौके पर संतोपंथ चोटी( satopanth peak)को फतेह करने 12 september को uttarkashi से निकला था. जहाँ अभियान के दौरान सेना के दल को 23 september को हर्षिल नामक जगह के पास बर्फ में दबा एक का शव मिला.

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जिसे army के जवानों ने gangotri पहुंचाया और police को सौंपा दिया. police ने शव के अवशेषों का पंचनामा भर postmartum के लिए भेज दिया. इस मामले में जब police और सेना ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह फौजी भी 23 september 2005 में इसी चोटी पर तिरंगा फहराकर वापिस लौट रहे थे. तब पैर फिसलने से चार जवान खाई में गिर गए थे. तीन जवानों की लाश उसी वक्त मिल गई थी, बल्कि एक सेना का नहीं मिला था. gangotri national park  की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है (satopanth peak)ऊंचाई 7075 मीटर मानी जाती है. बता दें की Indian army  का 25 सदस्यों का एक दल स्वर्णिम विजय वर्ष(golden victory year)के मौके पर satopanth peak को फतह करने 12 september को uttarkashi से निकला अभियान के दौरान सेना के दल को एक पर्वतारोही के शव के अवशेष मिले.

 जिसके बाद police ने अवशेषों का DNA test करवाया वहीँ सेना के अधिकारियों का कहना है कि साल 2005 में सेना का एक दल सतोपंथ चोटी(Satopanth Peak )के आरोहण के लिए गया था. उसमें कुछ सदस्य missing हो गए थे. जिसके बाद तीन जवानों के शव बरामद कर दिए गए थे, जबकि एक लापता था. उन दिनों army ने कई दिन तक बचाव-खोजी अभियान चलाया. Uttrakhand में मौसम खराब होने की वजह से सफलता नहीं मिली थी और अब ठीक 16 साल बाद 23 सितंबर 2021 को उनका शव बरामद हुआ है. जवान की dress, name plate और body भी काफी हद्द तक सुरक्षित मिली है.army  मुख्यालय से शनिवार सुबह घर पर आए तीन जवानों ने amrish tyagi के बारे में सूचना दी है. वहीँ परिजनों ने भी शव की शिनाख्त कर ली है, बताया जा रहा है की 26 या 27 september तक amrish का पार्थिव शरीर गांव में लाया जा सकता है. जवान amrish tyagi gaziyabad के हिसाली गांव के रहने वाले थे. यह गांव थाना mooradnagar के अन्तर्गत आता है.

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