Doon Prime News
international

रूस , यूक्रेन पर दाग रहा बैलिस्टिक मिसाइल, इस मिसाइल की क्या है खासियत पढ़िए पूरी खबर

यूक्रेन के साथ जारी गतिविधियों के बीच रूस ने हमला(Russia declares war on Ukraine) कर दिया है आपको बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने सैन्य कार्रवाई की औपचारिक घोषणा कर दी है। इसके साथ ही रूस राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ शुरू से ऑपरेशन में हस्तक्षेप करने वाले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का संकल्प भी लिया है वहीं, इस घोषणा के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पुतिन से युद्ध रोकने की अपील की है. UN ने कहा है कि रूस अपने सैनिकों को हमला करने से रोके रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आखिरकार गुरुवार को यूक्रेन के खिलाफ एलान-ए-जंग कर दिया है। पुतिन के एलान के तुरंत बाद ही यूक्रेन में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके और राजधानी कीव में बड़े धमाकों की खबरें मिली हैं।

आपको बता दें कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अन्य देशों को चेतावनी दी कि रूसी कार्रवाई में हस्तक्षेप करने की किसी भी कोशिश का अंजाम ऐसा होगा। रूस बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए यूक्रेन पर हमला कर रहा है। यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी सेना की ओर से क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जा रही हैं। दरअसल युद्ध में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल आमतौर पर परमाणु बमों के लिए ही होता है लेकिन कुछ मामलों में पारंपरिक हथियारों के साथ भी इन्हें यूज किया जा रहा है।

यह भी पढ़े – मामूली विवाद में सड़क पर दो गुटों में मारपीट, वारंटी सहित सात लोग गिरफ्तार

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग को रोकने के लिए दुनियाभर के देश अपील कर रहे हैं। वहीं पुतिन ने इस युद्ध के बीच ना आने की चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा है कि जो भी बीच में आएगा उसका अंजाम बुरा होगा। अपनी इस चेतावनी के साथ ही रूस ने यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागना शुरू कर दी हैं।

आपको बता दें कि जब इस मिसाइल को अपने स्थान से छोड़ा जाता है तो यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार अपने पूर्व निर्धारित लक्ष्य पर जाकर गिरता है। यह मिसाइल छोड़े जाने पर ऊपर जाते हुए यह पृथ्वी के सबसे ऊपर के वातावरण तक जाती है और फिर नीचे आती है। इस मिसाइल के इस तरह से जाने और आने के कारण ही इसे बैलिस्टिक मिसाइल कहा जाता है।

बैलिस्टिक मिसाइल की खासियत यह है कि इसकी मारक क्षमता 5000 किलोमीटर से लेकर 10000 किलोमीटर तक होती है। इस मिसाइल में जो दिशा यंत्र लगा होता है उसके कारण यह अपने प्रक्षेपण के शुरुआत में ही गाइड कर दी जाती है।

Related posts

अफगानिस्तान की तरह ही हो सकता है ताइवान का भी हाल,जानिए क्यों हो रही है इसकी चिंता।

doonprimenews

आठ वर्ष के अरमान ने बनाया विश्व रेकॉर्ड ,लाइव वर्तुअल शो में किया ये कारनामा,जानिए कैसे किया ये कमाल।

doonprimenews

खुले में physical relation बनाना जोड़े को पड़ा महंगा, viral हो गए वीडियो

doonprimenews

Leave a Comment